तरबूज खेती 
कृषि
N
News1821-01-2026, 21:47

जनवरी में बुवाई, मार्च में मुनाफा: काशी मोहिनी, पीतांबर तरबूज किस्में बढ़ाएंगी किसानों की आमदनी.

  • ICAR-IIVR ने काशी मोहिनी और काशी पीतांबर जैसी उन्नत तरबूज किस्में विकसित की हैं, जो किसानों के लिए अधिक लाभदायक हैं.
  • जनवरी में बुवाई से मार्च-अप्रैल तक फसल तैयार हो जाती है, जिससे बाजार में उच्च मांग और शुरुआती अच्छे दाम मिलते हैं.
  • काशी मोहिनी 75-80 दिनों में पक जाती है, इसका गूदा गहरा लाल और मीठा होता है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग है.
  • ये उन्नत किस्में पारंपरिक किस्मों की तुलना में बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता और अधिक उपज (40-60 टन प्रति हेक्टेयर) प्रदान करती हैं.
  • किसानों को प्रमाणित बीज, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है ताकि उत्पादन और गुणवत्ता बेहतर हो.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ICAR की नई तरबूज किस्में, काशी मोहिनी और पीतांबर, जनवरी में बुवाई से किसानों को जल्दी मुनाफा देंगी.

More like this

Loading more articles...