निमाड़ में बेर की खेती बनी वरदान: कम पानी, बंपर पैदावार, किसानों की बदली तकदीर.

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News18•29-01-2026, 18:26
निमाड़ में बेर की खेती बनी वरदान: कम पानी, बंपर पैदावार, किसानों की बदली तकदीर.
- •मध्य प्रदेश के खंडवा निमाड़ क्षेत्र में बेर की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिसमें कम पानी और कम लागत लगती है.
- •कश्मीरी रेड एप्पल, बाला सुंदरी और मिस इंडिया जैसी उन्नत किस्में 40-45 रुपये प्रति किलोग्राम का अच्छा बाजार मूल्य प्राप्त कर रही हैं.
- •किसान 20-30 हजार रुपये की लागत से 500 पौधों के साथ खेती शुरू कर सकते हैं, जिससे प्रति एकड़ सालाना 4-5 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है.
- •बेर का पौधा 20 साल तक फल देता है, जो आय का एक दीर्घकालिक स्थिर स्रोत प्रदान करता है और शुष्क क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है.
- •गहन बागवानी मॉडल अंतरफसल की अनुमति देता है, जिससे किसान एक ही भूमि से दोहरा लाभ कमा सकते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बेर की खेती निमाड़ के किसानों को एक टिकाऊ, उच्च-लाभ, कम पानी वाला विकल्प प्रदान कर रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बदल रही है.
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