साथ ही, खेत में जल जमाव बिल्कुल नहीं होना चाहिए, क्योंकि पानी भरने से कंद सड़ने लगते हैं और फसल को भारी नुकसान हो सकता है. फसल प्रबंधन में नियमित निरीक्षण भी जरूरी है. इस मौसम में झुलसा, कीट और फफूंद का खतरा बढ़ जाता है, जो पौधों की वृद्धि को रोक सकते हैं.
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News1825-12-2025, 19:54

दिसंबर की ठंड में आलू की पैदावार बढ़ाएं: सुजीत महतो के खास टिप्स से कंद होंगे दोगुने.

  • सुजीत महतो के अनुसार, दिसंबर में हल्की और समय पर सिंचाई करें ताकि मिट्टी नरम रहे और पौधे पोषक तत्व आसानी से सोख सकें.
  • खेत में जलभराव बिल्कुल न होने दें, क्योंकि इससे कंद सड़ सकते हैं और फसल को भारी नुकसान हो सकता है.
  • ब्लाइट, कीटों और फंगस के बढ़ते जोखिम के कारण हर दो-तीन दिन में खेतों का नियमित निरीक्षण करें और लक्षण दिखते ही दवा का छिड़काव करें.
  • हल्की गुड़ाई से मिट्टी भुरभुरी होती है, जड़ों को हवा मिलती है, कंद तेजी से बढ़ते हैं, और पौधों की ठंड सहने की क्षमता बढ़ती है.
  • इन उपायों को अपनाकर किसान दिसंबर की ठंड को आलू की फसल के लिए विकास का अवसर बना सकते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुजीत महतो के दिसंबर के आलू देखभाल टिप्स अपनाकर पैदावार बढ़ाएं और कंद का आकार दोगुना करें.

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