इससे पौधों की मजबूती बढ़ती है और ठंड का असर कम होता है. अगर किसान इन सरल उपायों को अपनाते हैं, तो दिसंबर की ठंड आलू की फसल का दुश्मन नहीं, बल्कि विकास का अवसर बन सकती है.
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News1825-12-2025, 20:58

दिसंबर में आलू की देखभाल: पैदावार बढ़ाएं, कंद का आकार दोगुना करें.

  • सुजीत महतो के अनुसार, दिसंबर में आलू के खेतों में हल्की और समय पर सिंचाई बहुत महत्वपूर्ण है.
  • सिंचाई से मिट्टी नरम रहती है, जड़ों तक नमी पहुंचती है, पोषक तत्व अवशोषित होते हैं और पौधे मजबूत होते हैं.
  • हल्की गुड़ाई मिट्टी को भुरभुरी बनाती है, जड़ों को हवा देती है और कंदों के तेजी से विकास में मदद करती है.
  • हर दो-तीन दिन में खेतों का निरीक्षण करें और रोग के शुरुआती लक्षण दिखते ही दवा का छिड़काव करें.
  • खेत में जलभराव से बचें, क्योंकि इससे कंद सड़ सकते हैं; झुलसा, कीट और फंगस का खतरा बढ़ जाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिसंबर में सही सिंचाई, गुड़ाई और निरीक्षण से आलू की पैदावार और कंद का आकार बढ़ाएं.

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