ड्रोन तकनीक से खेती में क्रांति: उपज बढ़ेगी, संसाधन बचेंगे, किसानों को होगा मुनाफा

कृषि
N
News18•20-01-2026, 15:36
ड्रोन तकनीक से खेती में क्रांति: उपज बढ़ेगी, संसाधन बचेंगे, किसानों को होगा मुनाफा
- •ड्रोन तकनीक पारंपरिक खेती को स्मार्ट कृषि में बदल रही है, जिससे यह किसानों के लिए आसान, सुरक्षित और अधिक लाभदायक हो रही है.
- •ड्रोन का उपयोग बुवाई, सटीक कीटनाशक छिड़काव (विशेषकर आम और सेब जैसी लंबी फसलों में) और फसल के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए किया जाता है ताकि बीमारियों का जल्द पता चल सके.
- •कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग किसानों और खेत मजदूरों को हानिकारक रसायनों के सीधे संपर्क से बचाता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम होती है.
- •ड्रोन तकनीक से समय की काफी बचत होती है; छिड़काव या सिंचाई जैसे काम जो पहले कई मजदूरों को दिनों लगते थे, अब एक घंटे में पूरे हो जाते हैं.
- •यह जल संरक्षण को भी बढ़ावा देता है, उसी काम के लिए पानी के उपयोग को 100 लीटर से घटाकर केवल 10 लीटर कर देता है, जो टिकाऊ खेती की दिशा में एक बड़ा कदम है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ड्रोन तकनीक आधुनिक, संसाधन-बचत कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों को बढ़ी हुई लाभप्रदता, दक्षता और सुरक्षा प्रदान करती है.
✦
More like this
Loading more articles...





