सूबे सिंह का वर्मी कम्पोस्ट मॉडल
कृषि
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News1805-02-2026, 13:16

खैरथल-तिजारा में जैविक खेती से किसानों की आय बढ़ी, वर्मी कम्पोस्ट और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का कमाल.

  • खैरथल-तिजारा जिले के किसान रासायनिक से जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे उनकी आय और आत्मनिर्भरता बढ़ी है.
  • दरबारपुर गांव के किसान सूबे सिंह ने ₹10,000 के सरकारी अनुदान से वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित की, जिससे फसल उत्पादन बढ़ा और उर्वरक लागत कम हुई.
  • अजड़का गांव के अमित कुमार ने 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड' की सलाह पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग किया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार हुआ.
  • कृषि विभाग के अभियानों से सूबे सिंह और अमित कुमार जैसे किसान वैज्ञानिक खेती के ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं.
  • कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मृदा परीक्षण और वर्मी कम्पोस्ट अपनाने से जिले में खेती की लागत 30% तक कम हो सकती है.

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