दूध-दही, तांबे के तार से बनेगी जैविक दवा, कीटों का होगा सफाया, किसानों की होगी बचत.
दूध-दही, तांबे के तार से बनेगी जैविक दवा, कीटों का होगा सफाया, किसानों की होगी बचत.
- •दूध, दही और तांबे के तार से बनी जैविक दवा रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रभावी, कम लागत वाला विकल्प है.
- •एक एकड़ के लिए, दो लीटर गाय के दूध को तांबे के टुकड़े के साथ दही जमाया जाता है, जिसे 7-10 दिनों के लिए छोड़ दिया जाता है ताकि एक शक्तिशाली फफूंदनाशक बन सके.
- •तांबे से युक्त दही को पानी के साथ मिलाकर छाछ जैसा घोल बनाया जाता है, जिसे फसलों पर छिड़का जा सकता है.
- •इस विधि में लगभग 100 रुपये (दूध के लिए) का खर्च आता है, जबकि नैनो यूरिया की कीमत 225 रुपये है, यह नाइट्रोजन और फफूंदनाशक दोनों लाभ प्रदान करता है.
- •यह रासायनिक मुक्त अनाज सुनिश्चित करता है, स्वास्थ्य की रक्षा करता है और किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक बचत प्रदान करता है.