बेगूसराय के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रामपाल
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News1804-03-2026, 16:54

खाली खेतों में मूंग की खेती: आय बढ़ाए, मिट्टी सुधारे, खाद की कमी भी दूर करे.

  • बिहार के ताल क्षेत्रों में किसान आलू और सरसों के बाद खराब जल निकासी, सिंचाई की कमी के कारण खेत खाली छोड़ देते हैं.
  • कृषि वैज्ञानिकों ने खाली खेतों में मूंग की खेती का सुझाव दिया है, जो किसानों की आय बढ़ाएगी और मिट्टी की उर्वरता सुधारेगी.
  • मूंग की फसल कम समय में पक जाती है (60-65 दिन, जैसे शिखा किस्म), कम सिंचाई की आवश्यकता होती है और फसल चक्र को प्रभावित नहीं करती.
  • यह फलीदार फसल वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और अगली फसल के लिए खाद की कमी दूर होती है.
  • मूंग की खेती ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार प्रदान करती है और पंक्तिबद्ध बुवाई से देखभाल व कटाई आसान होती है.

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