इस विधि के इस्तेमाल से उपज में 15-20 प्रतिशत तक वृद्धि की जा सकती है
कृषि
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News1818-02-2026, 12:29

गया में बिना मिट्टी और जुताई के हो रही आलू की खेती, पुआल पर उगाए जा रहे शुगर फ्री आलू.

  • बिहार के गया में किसान धान के पुआल और गनौरा (जैविक कचरा) का उपयोग करके बिना जुताई के आलू की खेती कर रहे हैं.
  • जीरो टिलेज श्रीविधि प्राकृतिक खेती तकनीक में आलू के कंदों को 6-8 इंच पुआल की परत के नीचे रखा जाता है, जिससे जुताई की आवश्यकता समाप्त हो जाती है.
  • यह अभिनव तरीका खेती की लागत, श्रम को काफी कम करता है और आलू की उपज में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि करता है.
  • किसान श्रीकांत यादव ने 2 बीघे में लेडी रोजेटा किस्म के आलू लगाए हैं, जो चिप्स बनाने के लिए जाने जाते हैं और शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद हैं.
  • कृषि विभाग और प्राण संस्था द्वारा समर्थित यह तकनीक अपनी दक्षता, लागत-प्रभावशीलता और पर्यावरणीय लाभों के लिए लोकप्रियता प्राप्त कर रही है.

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