सिंघाड़े को प्रोडक्ट्स की काफी डिमांड है.
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News1824-12-2025, 19:16

प्रोसेस्ड सिंघाड़ा देगा किसानों को बड़ा मुनाफा, सब्सिडी से मिलेगा मौका.

  • बघेलखंड के किसान कच्चे सिंघाड़े बेचने के बजाय प्रसंस्करण से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं, क्योंकि कच्चे सिंघाड़े जल्दी खराब होते हैं और कम लाभ देते हैं.
  • सिंघाड़ा प्रसंस्करण इकाइयाँ ₹2 लाख से ₹25 लाख तक के निवेश से शुरू की जा सकती हैं; छोटे पैमाने पर छीलने की मशीन ₹15,000-₹45,000 में उपलब्ध है.
  • प्रसंस्कृत उत्पाद जैसे आटा, चिप्स और स्नैक्स का मूल्य अधिक होता है, शेल्फ लाइफ लंबी होती है, और साल भर, खासकर नवरात्रि जैसे त्योहारों में इनकी मांग रहती है.
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना के तहत सिंघाड़ा प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर 35% तक की सब्सिडी मिलती है.
  • ग्लूटेन-मुक्त और पौष्टिक उत्पादों के रूप में ब्रांडिंग करने से किसानों के लिए एक मजबूत बाजार पहचान और सुनहरा अवसर बन सकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सरकारी सहायता से सिंघाड़ा प्रसंस्करण बघेलखंड के किसानों के लिए अधिक लाभ और बाजार स्थिरता लाएगा.

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