সুপারি
दक्षिण बंगाल
N
News1805-01-2026, 17:33

सुपारी की खेती से बंपर मुनाफा: कम लागत, अधिक आय से किसानों की किस्मत बदली.

  • कम लागत और कम देखभाल में सुपारी की खेती से अधिक लाभ मिल रहा है, जिससे इसकी मांग वैकल्पिक फसल के रूप में बढ़ रही है.
  • दक्षिण 24 परगना के बहरु दक्षिण बारासात, जयनगर क्षेत्र के किसान सुपारी की खेती से हजारों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं.
  • एक बार लगाने पर सुपारी का पेड़ 25-30 साल तक फल देता है; प्रति बीघा 2,500-3,000 सुपारी का उत्पादन होता है. कीमतें ₹1700-₹2200 प्रति किलो तक पहुंचीं, पिछले साल से ₹900 अधिक.
  • अनुकूल मौसम और आधुनिक तरीकों से उत्पादन बढ़ा है; कम लागत और कीटों के कम हमले इसे अन्य फसलों से अधिक लाभदायक बनाते हैं.
  • यहां उत्पादित सुपारी स्थानीय मांग पूरी करती है और कोलकाता व अन्य जिलों में भी भेजी जाती है, जिससे आर्थिक विकास में मदद मिलती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कम लागत और उच्च बाजार मांग के कारण सुपारी की खेती किसानों के लिए अत्यधिक लाभदायक साबित हो रही है.

More like this

Loading more articles...