कम लागत में तिगुना मुनाफा: बत्तख-मछली-सब्जी के साथ एकीकृत मत्स्य पालन

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News18•24-01-2026, 14:57
कम लागत में तिगुना मुनाफा: बत्तख-मछली-सब्जी के साथ एकीकृत मत्स्य पालन
- •अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डॉ. मोहम्मद अफजल खान ने मत्स्य पालन को कम लागत, उच्च लाभ वाला कृषि विकल्प बताया, जो भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.
- •पॉलीकल्चर तकनीक में कतला, रोहू और मृगल जैसी भारतीय मेजर कार्प मछलियों को एक साथ पालने से उत्पादन बढ़ता है और किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलता है.
- •पंगासियस मछली पालन कम जगह, कम लागत और कम समय में उच्च उपज के कारण लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें एरेटर और टैंक जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग होता है.
- •एकीकृत मत्स्य पालन में मछली के साथ बत्तख, पशुधन या सब्जियां उगाना शामिल है; बत्तख का अपशिष्ट तालाब को उर्वरित करता है, जिससे मछलियों को प्राकृतिक भोजन मिलता है.
- •प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सरकार किसानों को मत्स्य पालन के लिए सब्सिडी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एकीकृत मत्स्य पालन पॉलीकल्चर और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उच्च लाभ, खाद्य सुरक्षा और कुशल संसाधन उपयोग प्रदान करता है.
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