भारतीय मंदिर: नदियों के तट पर क्यों बने हैं प्रमुख देवालय? जानें इसके पीछे का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रहस्य.
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भारतीय मंदिर नदियों के किनारे क्यों बने? आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रहस्य उजागर.
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News18•09-03-2026, 18:50
भारतीय मंदिर नदियों के किनारे क्यों बने? आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रहस्य उजागर.
•गंगा, यमुना, नर्मदा, कावेरी जैसी नदियाँ पूजनीय हैं, जो पापों को धोकर मन को शांति देती हैं, इसलिए इनके किनारे मंदिर निर्माण के लिए पवित्र माने गए.
•पूर्वजों ने विशाल मंदिरों के निर्माण, दैनिक अनुष्ठानों और कुंभ मेले जैसे बड़े आयोजनों के लिए प्रचुर जल आपूर्ति हेतु नदी तटों को चुना.
•नदी तटों पर रेत और नरम मिट्टी की परतें भूकंप के दौरान प्राकृतिक शॉक एब्जॉर्बर का काम करती हैं, जिससे इन प्राचीन संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है.
•वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर-पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ अत्यधिक शुभ मानी जाती हैं, जो 'प्राण शक्ति' का उत्सर्जन करती हैं और बहते पानी की ध्वनि ध्यान में सहायक होती है.
•नदियाँ पृथ्वी और पितृलोक के बीच सेतु का काम करती हैं, तर्पण और पिंडदान के लिए आदर्श हैं, और त्रिवेणी संगम जैसे स्थानों पर स्नान मोक्ष प्रदान करता है.