भोगी 2026: नाम की उत्पत्ति और भोगी की आग का महत्व जानें.

ज्योतिष
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News18•13-01-2026, 16:06
भोगी 2026: नाम की उत्पत्ति और भोगी की आग का महत्व जानें.
- •भोगी, चार दिवसीय संक्रांति उत्सव का पहला दिन, 13 जनवरी को तेलुगु राज्यों में भक्ति के साथ मनाया जाता है.
- •भोगी की आग में पुरानी वस्तुएं, लकड़ी और गोबर के उपले जलाए जाते हैं, जो पुराने को त्यागने और नए का स्वागत करने का प्रतीक है.
- •'भोगी' नाम संस्कृत शब्द 'भाग' से लिया गया है, जिसका अर्थ है शुभता, पवित्रता और आनंद.
- •पौराणिक कथाएं भोगी को गोदा देवी के श्रीरंगनाथ स्वामी के साथ मिलन, भगवान वामन द्वारा राजा बलि को वश में करने और भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने से जोड़ती हैं.
- •वैज्ञानिक रूप से, आग गर्मी प्रदान करती है और गोबर के उपले तथा औषधीय छाल जलाने से हवा को शुद्ध करती है, जिससे प्रतिरक्षा बढ़ती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भोगी एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो प्राचीन परंपराओं के माध्यम से नई शुरुआत, आध्यात्मिक आनंद और स्वास्थ्य का प्रतीक है.
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