इस नदी में एक दूसरे का हाथ पकड़कर लगाते हैं डुबकी, यहां लगता है 'दोस्ती का मेला'
अररिया
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News1804-01-2026, 16:35

अररिया में 'दोस्ती का मेला': ऐतिहासिक नदी स्नान, सस्ते लकड़ी के सामान और शादी के उपहार.

  • अररिया के रानीगंज में पौष पूर्णिमा पर फरियानी नदी के किनारे 'दोस्ती का मेला' लगता है, जहाँ लोग दोस्ती निभाने के लिए स्नान करते हैं.
  • यह परंपरा महारानी इंद्रावती के शासनकाल (1780-1800) से चली आ रही है, जहाँ नदी में स्नान कर आजीवन दोस्ती की शपथ ली जाती थी.
  • मेले में बिस्तर, कुर्सी, मेज जैसे लकड़ी के सामान बहुत सस्ते दामों पर मिलते हैं, जो दूर-दूर से खरीदारों को आकर्षित करते हैं.
  • मध्यम और गरीब परिवारों के लिए गौना समारोह के लिए शादी के उपहार (15-20 हजार में पूरा सेट) खरीदने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है.
  • नेपाल से लाए गए सस्ते पतरास जैसे अनोखे सामान भी बिकते हैं, और मेला विक्रेताओं के लिए लाखों की कमाई का जरिया है, भले ही इसका मैदान सिकुड़ रहा हो.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अररिया का 'दोस्ती का मेला' प्राचीन परंपरा और आर्थिक अवसर का संगम है, जो समुदाय के बंधन मजबूत करता है.

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