आज देशभर में गूंज रही सहरसा की अपूर्वा की आवाज़ 
सहरसा
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News1826-01-2026, 07:33

तानों से तालियों तक: लता मंगेशकर से प्रेरित होकर बिहार की अपूर्वा ने बिखेरा जादुई स्वर

  • सहरसा की अपूर्वा प्रियदर्शी ने लता मंगेशकर के गीतों से प्रेरित होकर गायन का सपना देखा और सामाजिक तानों के बावजूद उसे पूरा किया.
  • शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, उनके परिवार, खासकर उनकी माँ ने उन्हें हर कदम पर समर्थन दिया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
  • अपूर्वा ने जिला से लेकर राज्य स्तर तक कई मंचों पर प्रदर्शन किया है और अब देश के प्रमुख शहरों में अपनी पहचान बना रही हैं.
  • मिथिला की लोक परंपराओं पर आधारित उनका एक गीत सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा दिया और उनकी लोकप्रियता बढ़ाई.
  • अपने सकारात्मक प्रभाव के लिए पहचानी जाने वाली अपूर्वा को चुनाव आयोग ने सहरसा का SWEEP आइकन बनाया है, जहाँ वह संगीत के माध्यम से लोकतांत्रिक जागरूकता फैला रही हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अपूर्वा प्रियदर्शी का सामाजिक संदेह से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर दृढ़ता और पारिवारिक समर्थन की शक्ति को दर्शाता है.

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