नक्सल इलाके से सुर संग्राम तक का सफर
जहानाबाद
N
News1826-01-2026, 18:00

नक्सल इलाके से सुर संग्राम तक: बिहार की बेटी राजनंदिनी की प्रेरक कहानी

  • अरवल के मेहंदिया की 20 वर्षीय राजनंदिनी ने जहानाबाद में बसंत पंचमी महोत्सव में अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.
  • उन्होंने अपने गांव में एक जागरण कार्यक्रम से संगीत की यात्रा शुरू की और जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर प्रदर्शन किया है.
  • सुर संग्राम में उनकी भागीदारी, जहां उन्होंने लोकगीतों से जजों को प्रभावित किया, उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई.
  • राजनंदिनी अपनी संगीत यात्रा में चुनौतियों के बावजूद अपने भाई और माता-पिता के अटूट समर्थन को श्रेय देती हैं.
  • वर्तमान में मुंबई में, वह विभिन्न शैलियों में प्रदर्शन करते हुए और प्रशासनिक कार्यक्रमों में भाग लेते हुए औपचारिक गायन प्रशिक्षण के साथ अपने कौशल को निखार रही हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राजनंदिनी की नक्सल प्रभावित क्षेत्र से संगीत मंच तक की यात्रा उनके जुनून और पारिवारिक समर्थन का प्रमाण है.

More like this

Loading more articles...