कोसी तटबंध पर अतिक्रमण या मजबूरी? बिहार में सरकारी सुविधाओं पर उठे सवाल.
सहरसा
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News1804-02-2026, 08:01

कोसी तटबंध पर अतिक्रमण या मजबूरी? बिहार में सरकारी सुविधाओं पर उठे सवाल.

  • 1984 की कोसी बाढ़ से विस्थापित हजारों परिवार पुनर्वास न मिलने के कारण सहरसा, बिहार में कोसी तटबंध पर बस गए हैं.
  • चार दशकों में अस्थायी झोपड़ियाँ स्थायी और बहुमंजिला घरों में बदल गई हैं, जो तकनीकी रूप से अतिक्रमण है लेकिन बाढ़ पीड़ितों के लिए मजबूरी.
  • तटबंध पर रहने वाले निवासियों को बिजली और जल नल योजना जैसी सरकारी सुविधाएँ मिल रही हैं, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठते हैं.
  • बिजली विभाग का कहना है कि कनेक्शन के लिए भूमि दस्तावेज चाहिए, लेकिन निवासी तटबंध पर रहते हुए पुराने गाँव के भूमि रसीदों का उपयोग करने का दावा करते हैं.
  • यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही, पुनर्वास नीति की कमी और बाढ़ पीड़ितों के लिए स्थायी समाधान प्रदान करने में विफलता को उजागर करती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 1984 के कोसी बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास की कमी से तटबंध पर बस्तियाँ बसीं, जिससे व्यवस्थागत विफलताएँ उजागर हुईं.

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