कोसी तटबंध पर अतिक्रमण या मजबूरी? बिहार में सरकारी सुविधाओं पर उठे सवाल.

सहरसा
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News18•04-02-2026, 08:01
कोसी तटबंध पर अतिक्रमण या मजबूरी? बिहार में सरकारी सुविधाओं पर उठे सवाल.
- •1984 की कोसी बाढ़ से विस्थापित हजारों परिवार पुनर्वास न मिलने के कारण सहरसा, बिहार में कोसी तटबंध पर बस गए हैं.
- •चार दशकों में अस्थायी झोपड़ियाँ स्थायी और बहुमंजिला घरों में बदल गई हैं, जो तकनीकी रूप से अतिक्रमण है लेकिन बाढ़ पीड़ितों के लिए मजबूरी.
- •तटबंध पर रहने वाले निवासियों को बिजली और जल नल योजना जैसी सरकारी सुविधाएँ मिल रही हैं, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठते हैं.
- •बिजली विभाग का कहना है कि कनेक्शन के लिए भूमि दस्तावेज चाहिए, लेकिन निवासी तटबंध पर रहते हुए पुराने गाँव के भूमि रसीदों का उपयोग करने का दावा करते हैं.
- •यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही, पुनर्वास नीति की कमी और बाढ़ पीड़ितों के लिए स्थायी समाधान प्रदान करने में विफलता को उजागर करती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 1984 के कोसी बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास की कमी से तटबंध पर बस्तियाँ बसीं, जिससे व्यवस्थागत विफलताएँ उजागर हुईं.
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