कलयुग के श्रवण कुमार: पत्नी ने छोड़ा, नौकरी भी गई, फिर भी पिता की सेवा में लीन शंभु चौधरी.

पटना
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News18•27-12-2025, 11:56
कलयुग के श्रवण कुमार: पत्नी ने छोड़ा, नौकरी भी गई, फिर भी पिता की सेवा में लीन शंभु चौधरी.
- •पटना के शंभु चौधरी को माता-पिता की निस्वार्थ सेवा के लिए 'श्रवण कुमार पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा.
- •उन्होंने अपने बीमार, बुजुर्ग पिता की देखभाल के लिए बांसुरी वादक की अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी.
- •जिस पत्नी को उन्होंने नर्स बनाया, उसने दूसरी शादी कर ली और बेटा भी उसके साथ रहता है, जिससे शंभु टूट गए.
- •सुबह से रात 3 बजे तक उनका पूरा दिन पिता की देखभाल में बीतता है, मां की सेवा न कर पाने का उन्हें आज भी अफसोस है.
- •पिता के सोने पर वे मोबाइल रिपेयर की दुकान चलाते हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य पिता को अंतिम समय में कोई कष्ट न होने देना है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शंभु चौधरी ने व्यक्तिगत त्रासदी के बावजूद पिता की निस्वार्थ सेवा कर 'श्रवण कुमार' की मिसाल पेश की.
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