मुजफ्फरपुर की इप्शा पाठक ने कोहबर कला को दी नई पहचान, विदेशों तक बढ़ी डिमांड

मुजफ्फरपुर
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News18•30-01-2026, 20:44
मुजफ्फरपुर की इप्शा पाठक ने कोहबर कला को दी नई पहचान, विदेशों तक बढ़ी डिमांड
- •मुजफ्फरपुर की मधुबनी पेंटिंग कलाकार इप्शा पाठक ने पारंपरिक कोहबर कला को आधुनिक रूप देकर फिर से जीवित किया है.
- •कोहबर पेंटिंग, जो पहले शादियों में घरों की दीवारों पर बनती थी, अब बैंक्वेट हॉल के कारण लुप्त हो रही थी.
- •इप्शा ने कोहबर को दीवारों से हटाकर कपड़े और कैनवास पर बनाना शुरू किया, जिसे फ्रेम करके घर की सजावट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
- •शुरुआत में मार्केटिंग चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन अब इसकी मांग दिल्ली, बेंगलुरु, खड़गपुर और विदेशों तक फैल गई है.
- •कपड़े पर बनी ये कोहबर पेंटिंग 1500 रुपये से शुरू होती हैं और शादी के मौसम में इनकी काफी मांग रहती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इप्शा पाठक ने कोहबर कला को आधुनिक रूप देकर उसे विलुप्त होने से बचाया और उसकी वैश्विक मांग बढ़ाई.
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