अचानक मिली चिट्ठी ने खोला रहस्य: 'हम फूल डाक हैं, ब्रह्म नहीं'; जहानाबाद मंदिर में उमड़ती है भीड़.
जहानाबाद
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News1811-01-2026, 08:06

अचानक मिली चिट्ठी ने खोला रहस्य: 'हम फूल डाक हैं, ब्रह्म नहीं'; जहानाबाद मंदिर में उमड़ती है भीड़.

  • जहानाबाद के उत्तरी दौलतपुर में स्थित फूल डाक बाबा मंदिर बिहार में आस्था का एक प्रमुख केंद्र है.
  • हर साल 12 जनवरी को यहां मेला लगता है, जिसमें बिहार, झारखंड, बंगाल और उत्तर प्रदेश से लगभग 50,000 श्रद्धालु आते हैं.
  • मंदिर में फूल डाक बाबा और डाकिनी माई विराजमान हैं, जहां पशु बलि की परंपरा भी है.
  • ग्रामीणों का मानना है कि 12 जनवरी को बाबा हर घर में आते हैं, और सच्ची श्रद्धा से मांगी गई मुरादें पूरी होती हैं.
  • एक पुरानी कहानी के अनुसार, एक ब्राह्मण द्वारा 'ब्रह्म श्राप' बताए जाने के बाद एक रहस्यमयी चिट्ठी मिली, जिसमें लिखा था: "यह कोई ब्रह्म नहीं है, हम फूल डाक हैं, हमारी पूजा इस प्रकार से करो."

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक रहस्यमयी चिट्ठी ने फूल डाक बाबा की पहचान उजागर की, जिससे जहानाबाद में एक पूजनीय मंदिर बना.

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