तीस साल की उम्र में गोपाल भट्ट गोस्वामी वृंदावन आए.<br><br>
मथुरा
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News1804-01-2026, 20:57

वृंदावन का राधा रमण मंदिर: जहां भक्त के प्रेम में स्वयं प्रकट हुए भगवान.

  • वृंदावन का राधा रमण मंदिर सप्त देवालयों में से एक है, जो अपने अद्वितीय इतिहास और पूजा पद्धति के लिए प्रसिद्ध है.
  • "राधा रमण" का अर्थ है "राधा का प्रेमी", जहां भगवान कृष्ण को श्री राधा के प्रिय के रूप में पूजा जाता है.
  • यह मंदिर लगभग 500 साल पहले गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा स्थापित किया गया था, जो चैतन्य महाप्रभु के बाद भगवान के लिए तरस रहे थे.
  • भगवान ने गोस्वामी को सपने में नेपाल जाने का निर्देश दिया, जहां काली गंडकी नदी से शालिग्राम शिलाएं उन्हें बार-बार मिलीं.
  • इन्हीं शालिग्राम शिलाओं से राधा रमण की मूर्ति चमत्कारिक रूप से प्रकट हुई, जिसे भक्त के प्रेम के कारण भगवान का स्वयं प्रकट होना माना जाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राधा रमण मंदिर दिव्य प्रेम का प्रतीक है, जहां गोपाल भट्ट गोस्वामी की भक्ति से भगवान प्रकट हुए.

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