इस रस्म के बिना अधूरी होती है बिहार की शादी
जहानाबाद
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News1827-01-2026, 12:57

शादियों में 'दोष' दूर करने के लिए होता है इस रस्म का इस्तेमाल, जानें महत्व

  • भारतीय शादियों में, खासकर बिहार में, 'दोष' दूर करने के लिए धान के लावा का उपयोग किया जाता है.
  • लावा का उपयोग तिलक समारोह से लेकर शादी तक होता है, दूल्हे पर बारात निकलने से पहले और दुल्हन पर शादी के दौरान छिड़का जाता है.
  • आचार्य राजेश कुमार मिश्रा के अनुसार, शादी से पहले लड़की को 'नागकन्या' माना जाता है, जिसके साथ ब्रह्मा इंद्र में एक सर्प रहता है.
  • सप्तपदी के दौरान लावा छिड़कने से सर्प देवता ब्रह्मा इंद्र से पृथ्वी पर आकर लावा खाते हैं, जिससे लड़की के 'दोष' दूर होते हैं.
  • तिलक समारोह के दौरान दोनों परिवारों के बीच धान का आदान-प्रदान भी होता है, जिसका उपयोग सिंदूर दान के लिए लावा बनाने में होता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारतीय शादियों में, विशेषकर बिहार में, धान के लावा की रस्में दोष दूर करने और वैवाहिक सुख सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं.

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