बिहार की शादी में तिलक पर धान बांटने की रस्म, माता पार्वती से जुड़ी है कहानी

जहानाबाद
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News18•28-01-2026, 06:31
बिहार की शादी में तिलक पर धान बांटने की रस्म, माता पार्वती से जुड़ी है कहानी
- •बिहार की शादियों में, खासकर मगध क्षेत्र में, तिलक समारोह के दौरान 'धनवती' नामक एक अनूठी रस्म होती है.
- •धान बांटना दूल्हा और दुल्हन के परिवारों के बीच रिश्ते की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है.
- •आचार्य राजेश कुमार मिश्रा के अनुसार, धान को पृथ्वी का सबसे बड़ा उपहार माना जाता है और यह माता पार्वती से जुड़ा है.
- •यह रस्म समृद्धि और उर्वरता का प्रतीक है, जिसमें बेटी के नए परिवार में जाने की तुलना धान के पौधे से की जाती है जो भरपूर फसल देता है.
- •धान का उपयोग 'लावा' और 'अरवा चावल' जैसे विभिन्न रूपों में अन्य विवाह अनुष्ठानों में भी किया जाता है, जो इसकी शुभता पर जोर देता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बिहार की शादियों में तिलक के दौरान धान बांटने की 'धनवती' रस्म समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है.
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