विदेशी निवेशक भारत से बाहर, घरेलू फंडों का दबदबा; AI के बाद वापसी की उम्मीद.

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News18•31-12-2025, 10:15
विदेशी निवेशक भारत से बाहर, घरेलू फंडों का दबदबा; AI के बाद वापसी की उम्मीद.
- •भारतीय सूचीबद्ध कंपनियों में FPI की हिस्सेदारी 15.5% तक गिरी, जो 2011 के बाद सबसे कम है, 2025 में $17.97 बिलियन की निकासी हुई.
- •FPI की बिकवाली के बावजूद, भारतीय बाजार (सेंसेक्स, निफ्टी) ने 9% की बढ़त दर्ज की, जिसका मुख्य कारण घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का ₹7.63 लाख करोड़ से अधिक का निवेश है.
- •DIIs की हिस्सेदारी अब रिकॉर्ड 18.26% तक पहुंच गई है, जो FPIs से अधिक है, जिससे पता चलता है कि घरेलू पूंजी अब बाजार का प्राथमिक सहारा है.
- •उच्च मूल्यांकन और कॉर्पोरेट आय अनुमानों में कटौती के कारण FPIs ने जोखिम कम किया; MSCI इंडिया का MSCI EM पर प्रीमियम गिरा है, जो 2026 में बेहतर प्रदर्शन का संकेत दे सकता है.
- •जैसे-जैसे AI रैली धीमी हो रही है, रणनीतिकारों को उम्मीद है कि विदेशी निवेशक भारतीय क्षेत्रों जैसे इंडस्ट्रीज, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और फाइनेंसियल्स पर फिर से ध्यान देंगे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: घरेलू निवेशक भारतीय बाजार को चला रहे हैं, विदेशी फंडों की निकासी जारी है, AI के बाद FPIs की वापसी की संभावना है.
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