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Moneycontrol21-01-2026, 17:06

भारत-ईयू व्यापार समझौता: वैश्विक ईवी दिग्गजों के लिए आयात या 'मेक इन इंडिया' का फैसला

  • भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) अगले सप्ताह तक अंतिम रूप ले सकता है, जिससे भारत में वैश्विक ईवी निर्माताओं की प्रवेश रणनीति प्रभावित होगी.
  • उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि एफटीए तय करेगा कि ऑटोमोबाइल निर्माता ईवी का आयात करेंगे या भारत में विनिर्माण के लिए प्रतिबद्ध होंगे.
  • यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर 'ऐतिहासिक व्यापार समझौते' पर प्रकाश डाला, जिसमें दो अरब लोगों के बाजार की कल्पना की गई है.
  • इस समझौते का परिणाम सरकार की 'भारत में इलेक्ट्रिक यात्री कारों के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना' (SPMEPCI) को भी प्रभावित करेगा, जिसमें टैरिफ अनिश्चितताओं के कारण कोई आवेदक नहीं मिला था.
  • एफटीए के तहत आयात शुल्क में संभावित 15% की कमी यूरोपीय ईवी निर्माताओं को तत्काल विनिर्माण प्रतिबद्धताओं के बजाय आयात-आधारित प्रवेश को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित कर सकती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ईयू व्यापार समझौता वैश्विक ईवी निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो भारत में आयात या विनिर्माण की उनकी रणनीति को प्रभावित करेगा.

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