बिना वसीयत के दादा-दादी की FD का दावा कैसे करें: पोते-पोतियों के लिए मार्गदर्शिका

बिज़नेस
M
Moneycontrol•06-02-2026, 07:26
बिना वसीयत के दादा-दादी की FD का दावा कैसे करें: पोते-पोतियों के लिए मार्गदर्शिका
- •फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भारतीय परिवारों में आम बचत हैं, जो अक्सर दादा-दादी के निधन तक भूली रहती हैं, खासकर जब कोई वसीयत न हो या FD उसमें शामिल न हों.
- •पोते-पोतियों को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं हो सकती है, यह मानते हुए कि केवल करीबी रिश्तेदार ही FD का दावा कर सकते हैं, लेकिन हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 जैसे प्रासंगिक व्यक्तिगत कानून विरासत को स्पष्ट करते हैं.
- •हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत, पूर्व-मृत बेटों या बेटियों के बच्चे प्रथम श्रेणी के कानूनी वारिस होते हैं, जिनके पास अन्य प्रथम श्रेणी के वारिसों के समान FD पर समान अधिकार होते हैं.
- •एक नामांकित व्यक्ति केवल एक ट्रस्टी होता है, लाभार्थी नहीं; उसे उत्तराधिकार कानूनों के अनुसार कानूनी वारिसों को धन वितरित करना होता है, जिसके लिए एक हलफनामा, क्षतिपूर्ति बांड और मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है.
- •यदि कोई नामांकित व्यक्ति नहीं है, तो कानूनी वारिस सीधे बैंक से FD का दावा कर सकते हैं, जिसमें मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकार/कानूनी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, क्षतिपूर्ति बांड और कानूनी वारिसों के KYC दस्तावेज जैसे सहायक दस्तावेज शामिल हों.
✦
More like this
Loading more articles...





