
1 अप्रैल, 2026 से, आयकर अधिनियम के नए नियम टीडीएस प्रमाणपत्रों के लिए फॉर्म 16 की जगह फॉर्म 130 पेश करेंगे [1][2][6][8]।
ITR-1 उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी व्यावसायिक आय नहीं है, जबकि ITR-2 उन लोगों के लिए है जो ITR-1 के लिए पात्र नहीं हैं और जिनकी व्यावसायिक/पेशेवर आय नहीं है [2]।
त्रुटियों को सुधारने के अलावा, ITR-U फॉर्म करदाताओं को पहले से अप्रकट आय का खुलासा करने और पहले से दाखिल किए गए रिटर्न को अपडेट करने की अनुमति देता है।