पिंक बस की महिला ड्राइवर रागिनी 
सफलता की कहानी
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News1802-02-2026, 05:31

रागिनी: मुसहर समाज की पहली ग्रेजुएट ड्राइवर, पटना में चलाएगी पिंक बस, तोड़ेगी रूढ़िवादिता

  • रागिनी, मुसहर समुदाय से, पटना की पिंक बस सेवा के लिए पहली महिला ड्राइवरों में से एक बनने के लिए तैयार है, जो सामाजिक मानदंडों को चुनौती दे रही है.
  • एक महीने के ड्राइविंग प्रशिक्षण के लिए घर छोड़ने पर उसे अपने गांव से गंभीर ताने और चरित्र हनन का सामना करना पड़ा, लोग उसकी अनुपस्थिति पर सवाल उठा रहे थे.
  • अत्यधिक गरीबी में पली-बढ़ी होने के बावजूद, रागिनी अपने बड़े परिवार में पहली ग्रेजुएट महिला है, जिसके दादा कबाड़ बीनने वाले और मां मजदूर थीं.
  • नारी गुंजन और महिला एवं बाल विकास निगम के सहयोग से, उसने औरंगाबाद में प्रशिक्षण के बाद भारी मोटर वाहन लाइसेंस प्राप्त किया.
  • रागिनी की अंतिम महत्वाकांक्षा पीएचडी करना और प्रोफेसर बनना है, अपनी वर्तमान भूमिका का उपयोग अपने परिवार को सशक्त बनाने और लैंगिक रूढ़िवादिता को चुनौती देने के लिए कर रही है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रागिनी, एक मुसहर ग्रेजुएट, पिंक बस ड्राइवर बनने के लिए भारी सामाजिक दबाव को पार करती है, जिसका लक्ष्य प्रोफेसर बनना है.

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