प्रॉप ट्रेडिंग के लिए बैंक फंडिंग पर रोक, 1 अप्रैल 2026 से लागू नियम. (Image:AI)
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News1814-02-2026, 17:04

ब्रोकर फंडिंग पर RBI का सख्त नियम: 1 अप्रैल 2026 से 100% कोलेटरल अनिवार्य.

  • RBI ने स्टॉकब्रोकर और पूंजी बाजार मध्यस्थों को बैंक ऋण के लिए 1 अप्रैल 2026 से 100% कोलेटरल अनिवार्य किया.
  • ऋण नकद, सरकारी प्रतिभूतियों, अनुमोदित प्रतिभूतियों, अचल संपत्ति या अन्य स्वीकृत वित्तीय संपत्तियों द्वारा सुरक्षित होने चाहिए; आंशिक गारंटी की अनुमति नहीं.
  • एक्सचेंजों/क्लियरिंग हाउसों के लिए बैंक गारंटी को कम से कम 50% कोलेटरल (25% नकद) की आवश्यकता होगी; इक्विटी शेयरों पर 40% हेयरकट लगेगा.
  • बैंकों को ब्रोकर्स की प्रोप ट्रेडिंग गतिविधियों को फंड करने पर प्रतिबंध, लेकिन मार्केट मेकिंग और अल्पकालिक ऋण सुरक्षा वेयरहाउसिंग की अनुमति है.
  • सभी ऐसे ऋण बैंकों के पूंजी बाजार एक्सपोजर में गिने जाएंगे, जो विवेकपूर्ण सीमाओं के अधीन हैं, जिसका उद्देश्य अधिक पारदर्शी और जोखिम-नियंत्रित ढांचा बनाना है.

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