US की तेज आर्थिक रफ्तार ने बदला ग्लोबल निवेश मूड, भारत में FPI वापसी पर फिर लगा ब्रेक. (Image:AI)
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News1824-12-2025, 16:47

अमेरिकी आर्थिक शक्ति से उभरते बाजार दबाव में, भारत को विदेशी निवेश का लंबा इंतजार.

  • अमेरिका की अर्थव्यवस्था Q3 2025 में 4.3% बढ़ी, जिससे वैश्विक निवेशकों का ध्यान अमेरिका की ओर गया, उपभोक्ता खर्च और निर्यात मजबूत रहे.
  • तेज अमेरिकी विकास दर के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 3.5% से ऊपर बनी हुई है.
  • रुपये की कमजोरी (डॉलर के मुकाबले 91 पार) और भारतीय शेयर बाजार का कमजोर प्रदर्शन विदेशी निवेशकों के लिए भारत को कम आकर्षक बना रहा है.
  • वैश्विक निवेशक सुरक्षित विकल्प, अमेरिकी AI/टेक स्टॉक और डॉलर में बेहतर रिटर्न को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश कम हो रहा है.
  • भारत के बेहतर व्यापार आंकड़ों के बावजूद, वैश्विक माहौल और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताएं विदेशी निवेश की वापसी में देरी कर रही हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उच्च ब्याज दरें वैश्विक पूंजी को आकर्षित कर रही हैं, जिससे भारत में विदेशी निवेश में देरी हो रही है.

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