Indian Army Story: गुरमुख सिंह ने 7 बार असफल होकर भी हार नहीं मानी
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News1814-12-2025, 09:18

लेह-लद्दाख में ड्यूटी संग पढ़ाई, 7 बार फेल होकर भी गुरमुख सिंह बने लेफ्टिनेंट.

  • गुरमुख सिंह ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लिए 7 बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी.
  • सिपाही के रूप में भर्ती होने के बाद भी, उन्होंने लेह-लद्दाख जैसी चुनौतीपूर्ण जगहों पर ड्यूटी के साथ पढ़ाई जारी रखी.
  • उन्होंने IMA से पास आउट होकर लेफ्टिनेंट के रूप में आर्मी एयर डिफेंस (AAD) कोर में कमीशन प्राप्त किया.
  • गुरमुख सिंह का मानना है कि एक सैनिक के रूप में उनका अनुभव उन्हें नेतृत्व करने में मदद करेगा.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यह दृढ़ता और असफलता के बावजूद लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देती है.

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