लेफ्टिनेंट बनने के पीछे हरदीप के दर्द और संघर्ष की लंबी दास्तां हैं.
जींद हरियाणा
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News1817-12-2025, 11:58

जिंद के हरदीप का संघर्ष: मां की 800 रुपये सैलरी से बने लेफ्टिनेंट.

  • हरियाणा के जिंद जिले के हरदीप सिंह 9वें प्रयास में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने.
  • 2 साल की उम्र में पिता का निधन हो गया था; मां संतोष ने 800 रुपये मासिक वेतन पर पाला.
  • पहले एयरमैन के रूप में चुने गए, लेकिन अग्निपथ योजना के कारण नौकरी चली गई, फिर भी हार नहीं मानी.
  • अखिल भारतीय मेरिट सूची में 54वां स्थान हासिल किया और सिख लाइट इन्फैंट्री में कमीशन प्राप्त करेंगे.
  • बचपन की त्रासदी और गरीबी के बावजूद उनकी यात्रा दृढ़ संकल्प और प्रेरणा का प्रतीक है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हरदीप ने बचपन की कठिनाइयों और गरीबी को पार कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया.

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