चित्रगुप्त पूजा आरती: एक आरती जो कर्म सुधारे और भाग्य संवारे!
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News1828-01-2026, 04:46

चित्रगुप्त पूजा आरती: एक आरती जो कर्म सुधारे और भाग्य संवारे!

  • यम द्वितीया पर दिवाली के बाद मनाई जाने वाली चित्रगुप्त पूजा भगवान चित्रगुप्त को समर्पित है, जो मनुष्यों के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं.
  • यह पूजा आत्म-चिंतन और जीवन को सही मार्ग पर रखने पर जोर देती है, जिससे बुद्धि शुद्ध होती है और करियर में प्रगति होती है.
  • भगवान ब्रह्मा द्वारा निर्मित भगवान चित्रगुप्त, यमराज के साथ मिलकर अच्छे-बुरे कर्मों का रिकॉर्ड रखते हैं, जो न्याय का प्रतीक है.
  • पूजा में कलम, किताबें और लैपटॉप चढ़ाना शामिल है, और यह विशेष रूप से लेखन, लेखा और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है.
  • आरती करना पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, माना जाता है कि यह सफलता लाती है, बाधाओं को कम करती है और शांति को बढ़ावा देती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: चित्रगुप्त पूजा और इसकी आरती भक्तों को धार्मिक जीवन की ओर मार्गदर्शन करती है, बेहतर भाग्य और सफलता का वादा करती है.

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