Dewri Mandir History
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News1827-01-2026, 11:36

झारखंड का देवड़ी मंदिर: जहां धागा बांधने से पूरी होती हैं मनोकामनाएं, जानिए इतिहास

  • रांची से 60 किमी दूर तमाड़ में स्थित देवड़ी मंदिर अपनी 16 भुजाओं वाली दुर्गा प्रतिमा और आदिवासी-ब्राह्मण पूजा पद्धति के लिए प्रसिद्ध है.
  • मंदिर का इतिहास लगभग 700 साल पुराना है, माना जाता है कि मुंडा राजा 'केरा' ने देवी के आशीर्वाद से अपना राज्य वापस पाने के बाद इसे बनवाया था; विशेषज्ञ इसकी उत्पत्ति 10वीं से 12वीं शताब्दी के बीच मानते हैं.
  • यह भारत का एकमात्र मंदिर है जहां आदिवासी पाहन और ब्राह्मण पुजारी दोनों सेवा करते हैं; पाहन छह दिन पूजा करते हैं और मंगलवार को ब्राह्मण पुजारी, जो हिंदू-आदिवासी एकता का प्रतीक है.
  • भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस मंदिर के प्रबल भक्त हैं और अक्सर यहां आशीर्वाद लेने आते हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ी है.
  • भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए मंदिर परिसर में लाल और पीले धागे बांधते हैं और इच्छा पूरी होने पर उन्हें खोलने वापस आते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: झारखंड का देवड़ी मंदिर एक अनूठा प्राचीन स्थल है जो आदिवासी और हिंदू परंपराओं को जोड़ता है, अपनी 16 भुजाओं वाली दुर्गा प्रतिमा और धोनी की भक्ति के लिए जाना जाता है.

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