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News1823-01-2026, 20:11

हजारीबाग में तांत्रिकों का अनोखा संगम: डोम राजा ने तंत्र की माता मातंगी को लगाया भोग

  • हजारीबाग के श्मशान काली मंदिर में तांत्रिक गुप्त रूप से तंत्र की देवी माँ मातंगी की पूजा कर रहे हैं.
  • यह विशेष पूजा हर पांच साल में एक बार होती है और केवल तांत्रिक ही इसमें भाग लेते हैं, आम लोगों को अनुमति नहीं है.
  • दस महाविद्याओं में नौवीं माँ मातंगी की पूजा ज्ञान, वाणी, कला और तांत्रिक सिद्धियों के लिए की जाती है, जिसमें बलि भी शामिल है.
  • एक अनूठी परंपरा के तहत, डोम राजा ने माँ मातंगी को भोग अर्पित किया, जिन्हें तांत्रिकों को ज्ञान और सिद्धियाँ प्रदान करने वाली माना जाता है.
  • हजारीबाग श्मशान मंदिर झारखंड का पहला मंदिर है जहाँ माँ मातंगी की मूर्ति स्थापित कर औपचारिक रूप से पूजा की जाती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हजारीबाग के श्मशान काली मंदिर में माँ मातंगी की गुप्त तांत्रिक पूजा हुई, जिसमें डोम राजा ने भोग चढ़ाया.

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