महुआ फूल पायेश: बांकुरा-पुरुलिया का भूला हुआ स्वाद सिलीगुड़ी मेले में छाया

पश्चिम बंगाल
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News18•27-01-2026, 16:30
महुआ फूल पायेश: बांकुरा-पुरुलिया का भूला हुआ स्वाद सिलीगुड़ी मेले में छाया
- •मनोज पैन और डॉली सिंह महापात्रा सिलीगुड़ी के सृष्टि श्री मेले में महुआ फूल पायेश से आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं.
- •बांकुरा और पुरुलिया के मूल निवासी यह युगल पारंपरिक लोक खाद्य पदार्थों और संस्कृति को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखता है.
- •महुआ फूल पायेश कंचनजंगा स्टेडियम में उनके स्टॉल पर सभी उम्र के लोगों को आकर्षित करते हुए प्रमुख आकर्षण बन गया है.
- •मनोज पैन महुआ के अनूठे स्वाद और स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालते हैं, जिसका पारंपरिक रूप से आदिवासी समुदायों द्वारा उपयोग किया जाता रहा है.
- •डॉली सिंह महापात्रा लुप्त हो रहे लोक खाद्य पदार्थों को संरक्षित करने और उन्हें नई पीढ़ी से परिचित कराने के अपने मिशन पर जोर देती हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक युगल पारंपरिक महुआ फूल पायेश को सफलतापूर्वक फिर से पेश कर रहा है, सिलीगुड़ी में बांकुरा-पुरुलिया की लोक विरासत को पुनर्जीवित कर रहा है.
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