रुद्राभिषेक प्रोसेस के बारे मे बताते मंदिर प्रबंधक रमेश परिहस्त
धर्म
N
News1803-02-2026, 20:02

महाशिवरात्रि: बाबा बैद्यनाथधाम में रुद्राभिषेक और स्पर्श पूजा के नियम

  • झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथधाम भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो अपनी अनूठी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है.
  • यहां की एक प्रमुख परंपरा स्पर्श पूजन है, जिसमें भक्त गर्भगृह में प्रवेश कर स्वयं शिवलिंग का स्पर्श कर सकते हैं, जो अन्य ज्योतिर्लिंगों में दुर्लभ है.
  • महाशिवरात्रि पर लाखों भक्त दर्शन और पूजा के लिए आते हैं, जिसमें रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है.
  • मंदिर प्रबंधक रमेश परिहस्त ने पुष्टि की कि भक्त गर्भगृह के अंदर रुद्राभिषेक और स्पर्श पूजा कर सकते हैं.
  • रुद्राभिषेक दोपहर 12 बजे शुरू होता है; इसके लिए मंदिर से कोई रसीद लेने की आवश्यकता नहीं है, और भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार दक्षिणा देकर पूजा कर सकते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बाबा बैद्यनाथधाम महाशिवरात्रि पर भक्तों को स्पर्श पूजन और रुद्राभिषेक की अनूठी सुविधा प्रदान करता है.

More like this

Loading more articles...