पीपल के पेड़ का अनुष्ठान: आत्मा की यात्रा और अंतिम संस्कार के बाद का आध्यात्मिक महत्व

धर्म
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News18•02-02-2026, 04:46
पीपल के पेड़ का अनुष्ठान: आत्मा की यात्रा और अंतिम संस्कार के बाद का आध्यात्मिक महत्व
- •पीपल के पेड़ का अनुष्ठान मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा में सहायता के लिए पानी से भरा घड़ा लटकाने से संबंधित है.
- •माना जाता है कि यह परंपरा आत्मा के संक्रमण काल के दौरान उसकी भूख और प्यास को शांत करती है.
- •पीपल का पेड़ पवित्र है, जो त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) और शनि देव से जुड़ा है.
- •ज्योतिषीय रूप से, इस अनुष्ठान के माध्यम से शनि देव को प्रसन्न करने से आत्मा के कर्म पथ में मदद मिलती है और पितृ दोष दूर होता है.
- •धीरे-धीरे टपकता पानी निरंतर पोषण का प्रतीक है, जो आत्मा को शांति और परिवार को मानसिक संतुष्टि प्रदान करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पीपल के पेड़ का अनुष्ठान दिवंगत आत्मा की शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करता है और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना प्रदान करता है.
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