विंध्याचल धाम: मां विंध्यवासिनी के चोट के निशान का द्वापर युग का रहस्य.

धर्म
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News18•25-12-2025, 15:16
विंध्याचल धाम: मां विंध्यवासिनी के चोट के निशान का द्वापर युग का रहस्य.
- •उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित विंध्याचल धाम एक शक्तिशाली शक्तिपीठ है, जहां मां विंध्यवासिनी की मूर्ति पर रहस्यमय चोट के निशान हैं.
- •माना जाता है कि ये निशान द्वापर युग के हैं, जब कंस ने देवकी के आठवें बच्चे, दिव्य कन्या को मारने का प्रयास किया था.
- •'स्वयंभू' मूर्ति पर ये निशान देवी द्वारा भक्तों के कष्टों को स्वयं पर लेने और उन्हें राहत व सुरक्षा प्रदान करने का प्रतीक हैं.
- •विंध्याचल एक सिद्धपीठ है, जहां मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा और मां काली के लिए 'त्रिकोण यंत्र' की पूजा होती है, और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
- •भक्त यहां गहरी आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं, मां के बदलते भावों को देखते हैं और दर्शन के बाद मन का बोझ हल्का महसूस करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: विंध्याचल धाम में मां विंध्यवासिनी की मूर्ति पर दिव्य चोट के निशान का सदियों पुराना रहस्य है, जो सुरक्षा और मनोकामना पूर्ति का प्रतीक है.
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