108 वैष्णव दिव्य देशम में से एक - तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के पास भगवान विष्णु को समर्पित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर है, जो कि 108 वैष्णव दिव्य देशम में से एक है. माना जाता है कि 108 में से 105 दक्षिण भारत में स्थित हैं, जबकि 1 नेपाल और दिव्य लोक में स्थापित है. 108 वैष्णव दिव्य देशम की जानकारी तमिल ग्रंथों में भी मिलती है. ये मंदिर इतना खास है कि इसे 'भूलोक वैकुंठम' की उपाधि मिली है. भक्तों के बीच मान्यता है कि श्री रंगनाथस्वामी मंदिर धरती का वैकुंड है, जहां भगवान विष्णु विश्राम करते हैं.
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News1804-01-2026, 12:48

श्री रंगनाथस्वामी मंदिर: दुनिया का सबसे बड़ा, भगवान विष्णु का दक्षिणमुखी रहस्य.

  • श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु के पास स्थित, यूनेस्को-मान्यता प्राप्त वैष्णव दिव्य देशम है, जिसे 'भूलोगा वैकुंठम' माना जाता है.
  • भगवान विष्णु की शयन मुद्रा वाली प्रतिमा का मुख दक्षिण दिशा में है, माना जाता है कि यह विभीषण को लंका की रक्षा का वचन था.
  • यह दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है, जिसमें 236 फीट ऊंचा, 13-स्तरीय गोपुरम, 7 परकोटे, 21 गोपुरम और 1000 स्तंभों वाला विशाल हॉल है.
  • दूसरी शताब्दी से अस्तित्व में, इसकी वास्तुकला चोल, पांड्य, विजयनगर और अन्य राजवंशों के प्रभावों को दर्शाती है.
  • यहां पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पापों से मुक्ति मिलती है, जिसमें हाथी का होना अनुष्ठानों के लिए आवश्यक है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: श्री रंगनाथस्वामी मंदिर एक अद्वितीय, विश्व का सबसे बड़ा वैष्णव स्थल है, जिसमें दक्षिणमुखी प्रतिमा और समृद्ध इतिहास है.

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