किस्सा कोर्ट कचहरी का रिव्यू: राजेश शर्मा और बृजेंद्र काला के अभिनय ने बेजान सिस्टम में जान डाली.
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'किस्सा कोर्ट कचहरी का' रिव्यू: राजेश शर्मा, बृजेंद्र काला ने बेजान सिस्टम में फूंकी जान.
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News18•12-03-2026, 20:58
'किस्सा कोर्ट कचहरी का' रिव्यू: राजेश शर्मा, बृजेंद्र काला ने बेजान सिस्टम में फूंकी जान.
•फिल्म 'किस्सा कोर्ट कचहरी का' भारतीय न्याय प्रणाली में आम आदमी के संघर्षों को उजागर करती है, जो पारंपरिक अदालती ड्रामा से हटकर है.
•राजेश शर्मा और बृजेंद्र काला ने दमदार और स्वाभाविक अभिनय किया है, जिसे नीलू कोहली, सुशील चंद्रभान और कृष्णा सिंह बिष्ट ने भी सहारा दिया है.
•निर्देशक रजनीश जायसवाल का अदालतों का यथार्थवादी चित्रण, खामोशी का प्रभावी उपयोग और धर्मेश बिस्वास की सिनेमैटोग्राफी फिल्म की मुख्य विशेषताएं हैं.
•प्रवेश मलिक का भावपूर्ण संगीत फिल्म के तनाव और भावनात्मक गहराई को बढ़ाता है.
•यथार्थवाद और सार्थक अंतर्दृष्टि के लिए सराही गई यह फिल्म अपनी धीमी गति और गंभीर लहजे के कारण सभी दर्शकों, खासकर मसाला फिल्मों के प्रशंसकों को पसंद नहीं आ सकती है.