सुलोचना चव्हाण: 16 की उम्र में मन्ना डे संग काम, 60 साल से अधिक का शानदार करियर
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लावणी सम्राज्ञी सुलोचना चव्हाण: 60 साल का करियर, पद्म श्री से सम्मानित.
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News18•17-03-2026, 04:01
लावणी सम्राज्ञी सुलोचना चव्हाण: 60 साल का करियर, पद्म श्री से सम्मानित.
•सुलोचना चव्हाण का जन्म 13 मार्च 1933 को मुंबई के फणसवाड़ी में हुआ था; 9 साल की उम्र में 'कृष्णा सुदामा' के लिए पहला गाना रिकॉर्ड किया.
•बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के, उन्होंने ग्रामोफोन रिकॉर्ड सुनकर अपनी गायन शैली विकसित की और मन्ना डे (16 साल की उम्र में), मोहम्मद रफी जैसे दिग्गजों के साथ काम किया.
•आचार्य अत्रे द्वारा 'लावणी सम्राज्ञी' की उपाधि से सम्मानित, उन्होंने हिंदी, गुजराती, भोजपुरी, तमिल और पंजाबी सहित कई भाषाओं में लावणी को लोकप्रिय बनाया.
•60 से अधिक वर्षों के अपने शानदार करियर में, उन्हें लता मंगेशकर पुरस्कार (2010), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (2012) और पद्म श्री (2022) जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिले.
•सुलोचना चव्हाण का 10 दिसंबर 2022 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया, लेकिन उनकी आवाज और लावणी संगीत में उनका योगदान अमर है.