मकर संक्रांति
आध्यात्मिकता
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News1812-01-2026, 14:42

मकर संक्रांति और एकादशी का दुर्लभ संयोग: चावल दान पर पंडित ने दी अहम जानकारी.

  • मकर संक्रांति और एकादशी तिथि 14 जनवरी को एक साथ पड़ रही है, जिससे एक दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है.
  • सनातन धर्म में दोनों त्योहारों का अत्यधिक धार्मिक महत्व है, इनके संयुक्त पुण्य से लाभ दोगुना होता है.
  • अयोध्या के पंडित कल्कि राम ने विरोधाभास पर प्रकाश डाला: एकादशी पर चावल वर्जित है, लेकिन संक्रांति पर खिचड़ी दान महत्वपूर्ण है.
  • एकादशी का व्रत रखने वाले भक्तों को चावल का सेवन नहीं करना चाहिए, लेकिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद खिचड़ी दान अवश्य करें.
  • आध्यात्मिक लाभ के लिए 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप और सूर्य देव को अर्घ्य देना अनुशंसित है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मकर संक्रांति और एकादशी का दुर्लभ संयोग अपार आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है, चावल दान पर विशेष मार्गदर्शन.

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