सूरजकुंड मेले में झारखंड की हैंडलूम साड़ियों की चिंता.
फरीदाबाद
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News1805-02-2026, 21:24

सूरजकुंड मेले में टसर सिल्क कारीगरों की बिक्री घटी, कम भीड़ से चिंता बढ़ी.

  • फरीदाबाद के सूरजकुंड क्राफ्ट्स मेले में झारखंड के हथकरघा साड़ी विक्रेता उम्मीद से कम बिक्री का सामना कर रहे हैं.
  • गोड्डा, झारखंड से आए संजय दास बताते हैं कि प्रत्येक साड़ी पर 18-30 दिन की कड़ी मेहनत के बावजूद ग्राहकों की संख्या कम है.
  • उनके स्टॉल पर टसर सिल्क, गिच्चा सिल्क और कटवर्क डिजाइन वाली शुद्ध सिल्क साड़ियां उपलब्ध हैं, जो हाथ से प्रिंटिंग और ब्रश पेंटिंग जैसी पारंपरिक तकनीकों से बनी हैं.
  • संजय ने कम बिक्री का कारण मेले में भीड़ की कमी को बताया, जिसका असर टिकट की बढ़ी हुई कीमतों के कारण हो सकता है, जिससे कारीगरों की आजीविका प्रभावित हो रही है.
  • लगभग 200 कारीगर इस पैतृक कौशल पर निर्भर हैं, जिसमें जनजातीय लोगों द्वारा कोकून इकट्ठा करने से लेकर हाथ से बुनाई और मधुबनी पेंटिंग तक की प्राकृतिक और पारंपरिक प्रक्रिया शामिल है.

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