उत्तराखंड का पहाड़ी ऊन उद्योग संकट में: कभी विश्व प्रसिद्ध, अब अस्तित्व के लिए संघर्ष

बागेश्वर
N
News18•01-02-2026, 19:20
उत्तराखंड का पहाड़ी ऊन उद्योग संकट में: कभी विश्व प्रसिद्ध, अब अस्तित्व के लिए संघर्ष
- •उत्तराखंड के बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिले कभी शुद्ध ऊनी कपड़ों के लिए विश्व प्रसिद्ध थे, लेकिन अब यह पारंपरिक व्यवसाय दम तोड़ रहा है.
- •50 सालों से बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में ऊनी उत्पाद लाने वाले किशन सिंह निरखूपा बताते हैं कि पहले 5-6 दिनों में सारा माल बिक जाता था, अब आधा भी नहीं बिकता.
- •बाजार में सस्ते सिंथेटिक और एक्रिलिक ऊन की भरमार ने शुद्ध ऊन के बाजार को प्रभावित किया है, ग्राहक अब सस्ते और दिखावटी उत्पादों की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
- •युवा पीढ़ी भारी ऊनी कपड़ों के बजाय हल्के और ट्रेंडी फैशन को पसंद करती है, जिससे पारंपरिक ऊन उद्योग के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.
- •कारीगरों का कहना है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं; वे सरकार से शुद्ध ऊनी उत्पादों की खरीद और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं ताकि उद्योग को बचाया जा सके.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: उत्तराखंड का पारंपरिक ऊन उद्योग सस्ते विकल्पों और सरकारी समर्थन की कमी के कारण खत्म हो रहा है.
✦
More like this
Loading more articles...





