Bombay High Court (file image)
भारत
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Moneycontrol27-12-2025, 20:41

बॉम्बे HC: भारत रत्न, पद्म पुरस्कार उपाधि नहीं, नाम के आगे-पीछे नहीं लगा सकते.

  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि पद्म और भारत रत्न जैसे नागरिक सम्मान आधिकारिक उपाधियाँ नहीं हैं.
  • प्राप्तकर्ता इन पुरस्कारों को अपने नाम के आगे या पीछे उपसर्ग या प्रत्यय के रूप में उपयोग नहीं कर सकते.
  • यह फैसला डॉ. शरद हार्दिकर से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान आया, जहाँ 'पद्मश्री' को रिकॉर्ड से हटाया गया.
  • न्यायमूर्ति सोमाशेखर सुंदरेशन ने 1995 के सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ के फैसले का हवाला दिया.
  • कोर्ट ने जोर दिया कि ये पुरस्कार राष्ट्रीय पहचान हैं, कानूनी पहचान में बदलाव नहीं, और अनुच्छेद 141 सभी अदालतों को SC के फैसलों का पालन करने के लिए बाध्य करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नागरिक सम्मान उपाधियाँ नहीं हैं; इन्हें नाम के आगे-पीछे नहीं लगाया जा सकता.

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