बॉम्बे HC: भारत रत्न, पद्म पुरस्कार उपाधि नहीं, नाम के आगे-पीछे नहीं लगा सकते.

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News18•27-12-2025, 19:53
बॉम्बे HC: भारत रत्न, पद्म पुरस्कार उपाधि नहीं, नाम के आगे-पीछे नहीं लगा सकते.
- •बॉम्बे हाई कोर्ट ने दोहराया कि भारत रत्न और पद्म पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान आधिकारिक उपाधियाँ नहीं हैं.
- •इन पुरस्कारों का उपयोग पुरस्कार विजेताओं के नाम के आगे या पीछे उपसर्ग या प्रत्यय के रूप में नहीं किया जा सकता है.
- •न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेशन ने एक मामले में 'पद्मश्री डॉ. शरद एम हार्डिकर' के उपयोग पर आपत्ति जताई और इसे हटाने का निर्देश दिया.
- •हाई कोर्ट ने 1995 के सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रीय सम्मान उपाधि प्रदान नहीं करते.
- •संविधान के अनुच्छेद 141 के अनुसार, यह उपयोग कानूनी रूप से अस्वीकार्य और स्थापित कानून के विपरीत है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नागरिक पुरस्कार राष्ट्रीय पहचान हैं, नाम के लिए उपाधियाँ नहीं, बॉम्बे HC और SC के अनुसार.
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