Chief of Defence Staff (CDS) General Anil Chauhan (File photo)
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Moneycontrol13-02-2026, 16:09

सीडीएस जनरल अनिल चौहान: नेहरू ने 1954 में तिब्बत को चीन का हिस्सा माना था.

  • सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि भारत का मानना था कि 1954 के पंचशील समझौते ने उत्तरी सीमा के प्रश्न को प्रभावी ढंग से संबोधित किया था.
  • 1954 में, भारत ने तिब्बत को चीन का हिस्सा माना और जवाहरलाल नेहरू तथा चीनी प्रीमियर झोउ एनलाई द्वारा हस्ताक्षरित पंचशील समझौते में प्रवेश किया.
  • जनरल चौहान ने बताया कि चीन का मानना था कि यह समझौता केवल व्यापार के लिए था और यह सीमा पर चीनी रुख को किसी भी तरह से प्रतिबिंबित नहीं करता था.
  • उन्होंने सुझाव दिया कि ब्रिटिशों के जाने के बाद नेहरू ने अपनी सीमाओं को निर्धारित करने के लिए पंचशील समझौते का सहारा लिया होगा, भले ही मैकमोहन रेखा मौजूद थी.
  • चीन द्वारा तिब्बत पर नियंत्रण करने के बाद भारत और तिब्बत के बीच 'हिमालयी बफर' 'समाप्त' हो गया, जिससे यह एक जीवंत सीमा बन गई.

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