1958 गणतंत्र दिवस: चीन का धोखा, मुख्य अतिथि की यात्रा 1962 युद्ध का कारण बनी

भारत
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CNBC Awaaz•25-01-2026, 19:45
1958 गणतंत्र दिवस: चीन का धोखा, मुख्य अतिथि की यात्रा 1962 युद्ध का कारण बनी
- •चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के शक्तिशाली मार्शल ये जियानयिंग 1958 के गणतंत्र दिवस परेड में भारत के मुख्य अतिथि थे.
- •'हिंदी-चीनी भाई-भाई' के नारे और विश्वास के माहौल के बावजूद, जियानयिंग की यात्रा भारत की सैन्य क्षमताओं का आकलन करने का एक रणनीतिक मिशन था.
- •चीन ने यात्रा के दौरान भारत की सैन्य शक्ति, उपकरण और रणनीति की बारीकी से जांच की, और उनकी वापसी पर सीमा पर गतिविधियां तेज कर दीं.
- •चीन ने अक्साई चिन में गुप्त रूप से सड़कों का निर्माण किया और भारत-चीन सीमा को कभी आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी, जिससे संघर्ष की नींव पड़ी.
- •1958 की यात्रा 1962 के युद्ध से पहले भारत का विश्वास जीतने की चीन की रणनीति का हिस्सा थी, जिसे एक विश्वासघात माना गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 1958 में चीन के मार्शल ये जियानयिंग की गणतंत्र दिवस मुख्य अतिथि यात्रा 1962 के युद्ध की ओर ले जाने वाला एक रणनीतिक धोखा था.
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